कण कण में है वास तुम्हारा, यह संसार तुम्हारा है, खाटू वाले यह जग सारा ही दरबार तुम्हारा है। चरणों में तेरे गुज़ारा करूँ बाबा, श्याम श्याम मुख से उचारा करूँ॥