मोहन से लगन हुआ मन मधुवन जब मुझे इनका प्यार मिला तब से जीवन की नैया को एक अनुपम खेवनहार मिला डगमग डगमग नैया थी मेरी साहिल को पाना मुश्किल था कमजोर ह्रदय संताप भरा मै शक्तिहीन ना काबिल था जब लग लड़ कर मै हार गया मुझे सुमरण का आधार मिला