जिसकी नज़रों में हैं श्याम प्यारे वो तो रहते हैं जग से न्यारे जिसकी नज़रों में मोहन समाये वो नज़र फिर तरसती नहीं है ये तो प्रेम की बात है ऊद्धव, बंदगी तेरे बस की नहीं है !! यहां सर दे के होते हैं सौदे, आशिकी इतनी सस्ती नहीं है...♥