बिन तुम्हारे महर ओ कह्नैया बिन तुम्हारे महर ओ कह्नैया कैसे संवरेगी ये.....कैसे संवरेगी ये जिंदगानी मेरी समझा दे श्याम ऐसी कृपा बरसा दे.......बाबा ऐसी कृपा बरसा दे.... हैं दीवाने तेरे...हैं दीवाने तेरे इन दीवानों से अँखियाँ मिला ले हारे के सहारे